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कवि किस राह पर चलने के लिए कह रहा है?
कवि ने किस अरमान की बात की है?
कविता के रचयिता कौन है?
इस कविता में किन कठिनाइयों की बात की गई है?
'क्षणिक जीत' से कवि का क्या तात्पर्य है?
ऐसा क्यों कहा गया है— 'उद्यानों में, विरानो में, अपमानों में, सम्मानो में/ उन्नत मस्तक, उभरा सीना,पीड़ाओं में पलना होगा |"