निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए—
"सूरज एक नटखट बालक-सा
दिन भर शोर मचाए,
इधर-उधर चिड़ियों को बिखेर
किरणों को छितराए,
कलम, दरांती, बुरुश, हथौड़ा
जगह-जगह फैलाए,
शाम थकी-हारी माँ जैसी
एक दिया जलाए
धीरे-धीरे सारी बिखरी
चीजें चुनती जाए।"
क. सूरज की तुलना किससे की गई है?
ख. नटखट बालक दिन भर क्या करता है?
ग. शाम किसका प्रतीक है?
घ. कविता का शीर्षक लिखिए।
विलोम लिखिए—
क. कुटिल
ख. अनुमति
ग. अंतरंग
घ. अल्प
ङ. आसमान
च. संपन्न
अर्थ के आधार पर वाक्य का प्रकार लिखिए—
क. नभ की ओर उड़ रहे हैं।
ख. शायद मैं खुले आसमान में उड़ सकूँ।
ग. ईश्वर तुम्हारी इच्छा पूरी करे।
घ. यदि तुम छोड़ दो तो मैं उड़ जाऊँगी।
ङ. वाह! क्या खुला आसमान है।
च. मेरे अंतरंग में अंकुरित नहीं कर सकता।
छ. छोड़ दो मुझे।
ज. कितना ही लाड-प्यार क्यों न करें।
'छोड़ दो मुझे', यह कौन किससे कह रहा है?
बंधुगण कौन हो सकते हैं?
मानव के लाड़-प्यार से भी पिंजरे की चिड़िया खुश क्यों नहीं हो पाती?