

पुस्तक आठ कहानियों का अनूठा संग्रह है जिसमें रंग भी है रोमांच भी है और कहीं कहीं सामाजिक विसंगतियों पर करारा प्रहार भी है । कहानी संग्रह में एक ओर जहां भौतिकता की अंधी दौड़ में शामिल युवा पीढ़ी की सोच है तो वहीं दूसरी ओर एकाकी जीवन जीने को विवश वृद्धों के साथ होने वाले छल को भी लेखक ने बखूबी उभारा है ।
कहीं-कहीं खून के रिश्तों में अमीरी-गरीबी की खाई को भी दर्शाया गया है वहीं दहेजप्रथा को नफरत युवाओं का भी दर्शन कराया है । कुल मिलाकर समाज का कोई वर्ग लेखक से छूटा नहीं है । निःसंदेह पुस्तक पढ़ने योग्य है ।